औद्योगिक क्रान्ति के फलस्वरूप यूरोपीय देशों के व्यापारी एशियाधी देशों में आये और धीरे-धीरे उन्होंने वहाँ अपना राजनीतिक प्रमुल्य स्थापित कर लिया। 15वीं शताब्दी सेमीं शताब्दी के बीच भारत में व्यापार करने के उद्देश्य से पुर्तगाली, डच, फ्रांसीसी और अंग्रेज आया आत्यीडा एक वीर सैनिक था। वह समुद्र पर पुर्तगालियों का प्रभुत्व स्थापित करने में सफल रहा। इसके बाद अल्बुकर्क (1509-15150) भारत में सर्वप्रथम पुर्तगाली आये। अल्पीडा (1505-150980) पुर्तगालो बस्तियों का पथम गवर्नर बनकर भारत आया। स्थापित किया। पुर्तगाली भारत में व्यापार के साथ-साथ अपनी सत्ता स्थापित करना चाहते थे, किन्तु 1580ई० में पुर्तगाल ने भारत में पुर्तगाली साम्राज्य का विस्तार किया। पुर्तगालियों ने भारत में गोवा, दमन, दीव, सूरत और बेसीन पर अपना नियन्त्रण विलय हो गया। 1588 ई० में अंग्रेजी जल सेना ने सोन के जहाजी बड़े आरमेडा को पराजित कर दिया। अंग्रेजों की इस विजय सरानी व्यापार पर पुर्तगाल का एकाधिकार समाप्त हो गया। इंग्लैण्ड और हालैण्ड के लोगों ने इस व्यापार पर अपना अधिकार स्थापित एलिजाबेथ का साहस बढ़ा और उसने कुछ व्यापारियों क...